भागलपुर जिले में एक ओर जहां सरकारी विद्यालयों के नए भवन चमचमा रहे हैं, वहीं सबौर के शंकरपुर पंचायत स्थित नया टोला प्राथमिक विद्यालय आज भी टीन शेड के नीचे संचालित हो रहा है। यहां करीब 180 बच्चे पढ़ते है। बैठने के लिए बेंच-डेस्क तक की व्यवस्था नहीं है। सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जर्जर व्यवस्था और संसाधनों की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बच्चों को टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करते देख जिप अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश मंडल पर मौजूद रहे। निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन विपिन मंडल ने कहा कि जिला परिषद फंड से भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही विभागीय स्तर पर पहल कर विद्यालय के लिए स्थायी भवन निर्माण सुनिश्चित कराया जाएगा। बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दरी बिछाकर जमीन पर बैठते हैं बच्चे जानकारी के मुताबिक वर्ष 2007 में स्थापित इस विद्यालय में वर्तमान में चार शिक्षक कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक दरी पर बैठाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। खुले में कक्षाएं संचालित होने के कारण बच्चों को भीषण गर्मी, बारिश और शोरगुल का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थिति चिंताजनक है। पक्के भवन बनाने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि आसपास सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है, जिससे बच्चे भयभीत रहते हैं। इसके बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ है। वे बेहतर वातावरण और पक्के भवन की मांग कर रहे हैं, ताकि मन लगाकर पढ़ाई कर सके और अपने सपनों को साकार कर सकें। भागलपुर जिले में एक ओर जहां सरकारी विद्यालयों के नए भवन चमचमा रहे हैं, वहीं सबौर के शंकरपुर पंचायत स्थित नया टोला प्राथमिक विद्यालय आज भी टीन शेड के नीचे संचालित हो रहा है। यहां करीब 180 बच्चे पढ़ते है। बैठने के लिए बेंच-डेस्क तक की व्यवस्था नहीं है। सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जर्जर व्यवस्था और संसाधनों की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बच्चों को टीन शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करते देख जिप अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश मंडल पर मौजूद रहे। निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन विपिन मंडल ने कहा कि जिला परिषद फंड से भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही विभागीय स्तर पर पहल कर विद्यालय के लिए स्थायी भवन निर्माण सुनिश्चित कराया जाएगा। बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दरी बिछाकर जमीन पर बैठते हैं बच्चे जानकारी के मुताबिक वर्ष 2007 में स्थापित इस विद्यालय में वर्तमान में चार शिक्षक कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक दरी पर बैठाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। खुले में कक्षाएं संचालित होने के कारण बच्चों को भीषण गर्मी, बारिश और शोरगुल का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थिति चिंताजनक है। पक्के भवन बनाने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि आसपास सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है, जिससे बच्चे भयभीत रहते हैं। इसके बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ है। वे बेहतर वातावरण और पक्के भवन की मांग कर रहे हैं, ताकि मन लगाकर पढ़ाई कर सके और अपने सपनों को साकार कर सकें।


