अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दक्षिण एशियाई राष्ट्र से आयात पर 26 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाया गया है। इस ऐलान के बाद गुरुवार को जब सुबह शेयर बाजार खुला तो गिरावट के साथ खुला। इस दौरान शेयर बाजार में दबाव भी बना रहा। इस स्तर ने कुछ विश्लेषकों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। गुरुवार तीन अप्रैल की सुबह जैसे ही शेयर बाजार खुला तो निवेशकों में अमेरिका के नए टैरिफ हमले के कारण काफी घबराहट देखने को मिली जो बाजार पर भी देखी गई। इस कारण बिकवाली का दबाव बना। शेयर बाजार को लगे शुरुआती झटके के बाद मार्केट ने कुछ समय बाद खुद को संभालाष सेंसेक्स ने 76,493.74 अंकों का स्तर छू लिया। निफ्टी भी 160.7 अंकों की छलांग लगाकर 23,306.50 पर पहुंच गया।
निवेशकों के लिए गुरुवार का दिन रोलरकोस्टर राइड जैसा रहा है। यहां सुबह मंदी के साए में ही शेयर बिके है। फार्मा सेक्टर इस दौरान ताकतवर बना रहा। तेल के दामों में नरमी देखने को मिली। वहीं रुपये को भी बाद में मजबूती मिली है, जिससे बाजार फिर से पटरी पर लौटा है।
रुपये में हुआ सुधार
कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन भारतीय रुपया 85.78 से सुधरकर 85.62 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए नए टैरिफ ऐलान को देखते हुए डॉलर में अस्थिरता देखने को मिली है। निवेशक जापानी येन और स्विस फ्रैंक जैसे सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़े।
1.93 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
सुबह शेयर बाजार में गिरावट आई थी जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा था। बाजार के संभलने के बाद थोड़ी राहत निवेशकों को मिली है। आंकड़ों पर गौर करें तो बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों के 1.93 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बीएसई मार्केट कैप 4,12,98,095 करोड़ रुपये से घटकर 4,11,04,925 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। शेयर बाजार को बचाने में फार्मा ने काफी मदद की। फार्मा स्टॉक्स की चमक, कच्चे तेल की गिरावट और बाजार की मजबूती से नुकसान की भरपाई हुई।
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